अदृश्य फिल्म की समीक्षा : सीट पर बांधे रखेगी ये फिल्म, देखिए कितनी मिली रेटिंग

अदृश्य फिल्म की समीक्षा : सीट पर बांधे रखेगी ये फिल्म, देखिए कितनी मिली रेटिंग

संदीप चटर्जी द्वारा निर्देशित फिल्म अदृश्य की कहानी शुरु होती है ध्रुव नाम के लड़के से जो मुम्बई में अपने माँ-बाप के साथ रहता है।उसके माँ-बाप बहुत व्यस्त रहते है और ध्रूव को समय नही दे पाते हैं। ध्रुव का ध्यान उसकी नानी रखती हैं, जब ध्रुव को पता चलता है कि उसकी माँ ने एक बेटी को जन्म दिया तो उसको लगता उसके माँ-बाप उससे बिल्कुल प्यार नही करते हैं। ध्रुव बहुत अकेला महसूस करने लगता है, तभी ध्रुव को एक छोटी लड़की पाखी दिखाई देती हैं। वो ध्रुव से कुछ बोलती नही हैं, बस ध्रुव को देखा करती है। तब ध्रुव के घर मे अजीब सी घटनाएं होने लगती हैं। इन घटनाओं का पता जब उनके माँ-बाप को पता चलता है तो बहुत डर जाते हैं और पुलिस इंस्पेक्टर गोडबोले और डॉ शास्त्री की मदद लेते हैं, अब डॉ शास्त्री और पुलिस इंस्पेक्टर गोडबोले कैसे उनको इन सब से बाहर निकलते हैं? पाखी और ध्रुव का क्या कनेक्शन है? उस घर मे तो कोई अनहोनी पहले नही हुई? इसके लिए आपको फ़िल्म देखने जाना पड़ेगा।

फ़िल्म की कहानी बहुत सिंपल है, बाकी हॉरर फ़िल्म की तरह इस फ़िल्म में किसी जादू-टोने या तंत्र-मंत्र को नही दिखाया गया है। फ़िल्म शरुआत में थोड़ी स्लो चलती है पर धीरे-धीरे अपनी रफ्तार पकड़ लेती है। फ़िल्म में गाने की के लिहाज से एक ही गाना है और फ़िल्म का बैकग्राउंड साउंड ठीक है पर डॉ शास्त्री के इमोशन सीन बाद जो अचानक से पाखी का डरावना सीन आपको चौका सकता है। फ़िल्म में एक से दो ही लोकेशन पर शूट किया गया। अब बात करे फिल्म के किरदारों की तो ध्रुव ने भी एक चाइल्ड आर्टिस्ट के हिसाब अच्छा काम किया है पर ध्रुव की माँ के रोल में अदिति उसकी माँ काम, बड़ी बहन ज्यादा लगती है और जिन किरदारों की छाप आप पर पड़ती है वो डॉ शास्त्री और पुलिस इंस्पेक्टर गोडबोले, नन्ही अदाकारा पाखी का काम काबिले तारीफ है। जहाँ डॉ शास्त्री अपने गंभीर और गुस्सैल नज़र आते हैं वही पुलिस इंस्पेक्टर गोडबोले दर्शको को गुदगुदाते है इंस्पेक्टर गोडबोले का जानदार अभिनय अदृश्य का मजबूत स्तम्भ हैं और पाखी लोगो को डराने का काम करती है ।

फ़िल्म एक फैमिली फ़िल्म है और फ़िल्म की कहानी बहुत सिंपल है, निर्देशक संदीप चटर्जी की हिम्मत की दाद देना पड़ेगा कि तीन बड़े बैनर की फ़िल्म फन्ने खा, करवा, मुल्क की रिलीज के वक़्त फिल्म को रिलीज करना भी किसी बड़ी चुनौती से कम नही है 

फिल्म को 4.5/5 * 

फिल्म की अवधि 1 घंटा 42 मिनट

कलाकार-

  • डॉ शास्त्री - राकेश चतुर्वेदी
  •  इंस्पेक्टर गोडबोले - अभिजीत सिन्हा
  • ध्रव - अब्दुर रहमान
  • पाखी - पाखी
  • ध्रुव के पिता - रवि
  • ध्रुव की माँ - आएशा
  • पाखी की के पिता - निशात मालिक
  • पाखी की माँ - अर्चना
  • ध्रुव की नैनी - निधि